चाँद खिलौना

चाँद खिलौना लाकर दूँगी
मैं अपने मुन्ने  राजा  को ।

      कभी तुम्हारा मामा बनकर
      वह कन्धे पर तुम्हें बिठायेगा
      कभी तुम्हारी ऊँगली  पकड़
      चाकलेट, टाफी  दिलवायेगा

चाँद खिलौना लाकर दूँगी
मैं  अपने  मुन्ने राजा  को ।

       कभी लुढ़क कर आसमान से
       वह  गेंद  तेरा  बन  जायेगा
       कभी चाँदी की थाली बनकर
       मीठी  सी  खीर  खिलायेगा

चाँद खिलौना लाकर दूँगी
मैं अपने मुन्ने राजा  को  ।

       कभी चाँद की चाँदनिया
       थपकी  देकर  सुलायेगी
       कभी मीठी सी लोरी गाकर
       मुन्ने का दिल बहलायेगी

चाँद खिलौना लाकर दूँगी
मैं अपने मुन्ने  राजा  को ।

       लोरी सुनते - सुनते मुन्ना
       जब गहरी निंद सो जायेगा 
       चँदा मामा सपने में आकर
       परीलोक की सैर करायेगा

चाँद खिलौना ला कर दूँगी
मैं  अपने  मुन्ने राजा  को ।

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